तीन दिन की जोरदार तेजी! निवेशकों की संपत्ति 9.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन आई मजबूती ने निवेशकों को बड़ा फायदा पहुंचाया है। सिर्फ तीन कारोबारी सत्रों में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹9.18 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निचले स्तरों पर हुई खरीदारी (buying) के चलते बाजार में यह उछाल देखने को मिला।
सेंसेक्स ने दिखाई ताकत
तीन दिनों के भीतर:
- बीएसई सेंसेक्स में 2,140 अंक (2.87%) की तेजी
- बुधवार को सेंसेक्स 633 अंक (0.83%) चढ़कर 76,704 पर बंद
इस तेजी के साथ ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग ₹4.39 लाख करोड़ करोड़ (4,750 अरब डॉलर) हो गया।
युद्ध के बीच भी क्यों चढ़ा बाजार?
पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में बाधाओं के बावजूद बाजार का ऊपर जाना कई निवेशकों को चौंका रहा है। लेकिन इसके पीछे कुछ मजबूत कारण हैं
तेल की कीमतों में नरमी से राहत
हाल ही में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली:
- ब्रेंट क्रूड: $110 से गिरकर ~$103 प्रति बैरल
- WTI क्रूड: ~$94.73 प्रति बैरल
इस गिरावट के पीछे बड़ा कारण:
✔ इराक और कुर्द क्षेत्र के बीच समझौता
✔ तुर्की के सेहान पोर्ट से तेल निर्यात फिर शुरू
इसके अलावा, तनाव के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जारी रहने से सप्लाई की चिंता कुछ कम हुई है।
ग्लोबल मार्केट से मिला पॉजिटिव संकेत
दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी का असर भारत पर भी दिखा:
अमेरिका (वॉल स्ट्रीट):
- S&P 500: +0.25%
- Nasdaq: +0.47%
- Dow Jones: +0.10%
एशिया:
- जापान (निक्केई): ~3% उछाल
- दक्षिण कोरिया (कोस्पी): 5% से ज्यादा तेजी
यूरोप:
- फ्रांस (CAC): 1%+
- जर्मनी (DAX): ~0.77%
- ब्रिटेन (FTSE): ~0.34%
साफ है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बाजार को सपोर्ट
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जो इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है:
- 10 साल की यील्ड: 4.198%
- 2 साल की यील्ड: 3.669%
यील्ड घटने का मतलब:
निवेशक शेयर बाजार की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं
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बाजार का असली मैसेज क्या है?
हालांकि जियो-पॉलिटिकल तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन बाजार इन बातों पर ज्यादा फोकस कर रहा है:
- सप्लाई चेन पूरी तरह नहीं टूटी
- ग्लोबल बाजारों में मजबूती
- निवेशकों की मजबूत खरीदारी
यानी डर के माहौल में भी “Opportunity Buying” देखने को मिल रही है।
निष्कर्ष
तीन दिनों की इस तेजी ने साफ कर दिया है कि बाजार सिर्फ खबरों से नहीं, बल्कि डेटा, संकेत और निवेशकों के भरोसे से चलता है।
अगर तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और ग्लोबल मार्केट सपोर्ट करता है, तो आगे भी बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।
इस विश्लेषण का स्रोत Tredixo है।