लगातार गिर रहे सोना और चांदी के दाम, एक्सपर्ट्स ने बताए मुख्य कारण
ईरान के साथ अमेरिका और इस्राइल के बढ़ते तनाव के बीच भारतीय और वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता लगातार बढ़ती जा रही है। शेयर मार्केट से लेकर कच्चे तेल की क़ीमतों, सोने-चांदी और रुपये तक हर जगह तेजी और गिरावट के मिले-जुले असर देखे जा रहे हैं।
पिछले एक महीने में सेंसेक्स लगभग 10% नीचे चला गया है, वहीं कच्चे तेल की क़ीमतें करीब 60% बढ़ गई हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच चुका है।
सोना और चांदी में रिकॉर्ड गिरावट
सुरक्षित निवेश के रूप में माने जाने वाले सोने और चांदी की क़ीमतों में भी भारी गिरावट देखी जा रही है। जंग की शुरुआत के तुरंत बाद, सोने की कीमतें उच्चतम स्तर तक पहुँच गई थीं, लेकिन अब पिछले कुछ हफ़्तों में इसमें 20% तक की गिरावट आई है।
चांदी की कीमतों में गिरावट और भी अधिक है, जो अपने हाल के उच्चतम स्तर से लगभग 40% नीचे आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 1983 के बाद से सोने और चांदी में सबसे बड़ी गिरावट है।
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क्यों गिर रही हैं सोने-चांदी की कीमतें ?
- तेल और गैस की महंगाई – युद्ध की स्थिति में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे महंगाई के डर ने निवेशकों को सताया है।
- ब्याज दरें – अमेरिकी और वैश्विक मौद्रिक नीतियों के चलते ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना है। उच्च ब्याज दरों में सोने जैसे सुरक्षित निवेश का आकर्षण घट जाता है।
- बाजार की प्रतिक्रिया – युद्ध के बावजूद सोने की कीमतों में लगातार गिरावट बताती है कि निवेशक अब जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने लगे हैं।
मार्च की गिरावट: इतिहास में दर्ज
मार्च 2026 में सोने और चांदी में आई गिरावट पिछले 45 वर्षों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट रही। इस गिरावट ने इस साल इन धातुओं में हुई शुरुआती बढ़त को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की इस तरह की गिरावट अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों, ब्याज दरों की नीतियों और तेल-ऊर्जा की कीमतों के मिश्रित प्रभाव का परिणाम है।
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