Stock Market Alert: बाजार में गिरावट के बीच इन शेयरों में 21% तक टूटने का खतरा, निवेशक रहें सतर्क
Middle East तनाव के बीच बाजार में दबाव, कुछ बड़े शेयरों को लेकर सतर्क रहने की सलाह
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से घरेलू बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और निवेशकों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है।
पिछले कारोबारी सत्र में भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में बिकवाली के चलते सेंसेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। लगातार तीसरे दिन आई इस गिरावट ने निवेशकों के मन में सतर्कता बढ़ा दी है।
लगातार गिरावट से निवेशकों में चिंता
शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, बढ़ती तेल कीमतें और मध्य पूर्व में जारी तनाव की वजह से निवेशकों का भरोसा थोड़ा कमजोर पड़ा है। यही कारण है कि कई सेक्टरों के शेयरों में दबाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
आईटी सेक्टर के शेयर पर दबाव की आशंका
टेक्नोलॉजी सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी को लेकर बाजार विशेषज्ञों ने सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी है। विश्लेषकों के अनुसार कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से और गिरावट देखने को मिल सकती है।
इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि आने वाले वित्त वर्ष में कंपनी के मुख्य कारोबार से होने वाली आय में लगातार दूसरे साल गिरावट की संभावना है। खासतौर पर कंसल्टिंग सेवाओं से जुड़े कारोबार में मांग कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है, जिससे कंपनी की कमाई पर दबाव पड़ सकता है।
फार्मा सेक्टर में भी चुनौतियां
फार्मास्यूटिकल सेक्टर की एक बड़ी कंपनी को लेकर भी विश्लेषकों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनुमान है कि आने वाले समय में कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बाजार से होने वाली आय पर दबाव बढ़ सकता है।
बताया जा रहा है कि कंपनी की कुछ प्रमुख दवाओं को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा एक महत्वपूर्ण दवा की सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण भी कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इन परिस्थितियों के चलते आने वाले वर्षों में कंपनी के मुनाफे में गिरावट देखने को मिल सकती है।
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ऑटो सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
ऑटोमोबाइल सेक्टर की एक प्रमुख कार निर्माता कंपनी के शेयरों को लेकर भी बाजार विशेषज्ञों ने सीमित तेजी की संभावना जताई है। उनका मानना है कि मौजूदा स्तर से इस कंपनी के शेयरों में बहुत अधिक बढ़त की गुंजाइश फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
हालांकि, भारत में पैसेंजर व्हीकल की मांग मजबूत बनी रह सकती है। संभावित कर राहत, बेहतर लिक्विडिटी और सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी जैसे कारक ऑटो सेक्टर के लिए सकारात्मक साबित हो सकते हैं। इसके बावजूद बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। खासतौर पर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर बाजार पर पड़ सकता है।
ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान संयम बनाए रखें और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश के फैसले लें। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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