स्टॉक स्प्लिट शेयर तब होते हैं जब कोई कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे हिस्सों में विभाजित कर देती है। इसका उद्देश्य शेयर की कीमत को कम करके उसे निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना होता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई कंपनी 1 शेयर को 2 शेयरों में स्प्लिट करती है, तो निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन कुल निवेश मूल्य वही रहता है। स्टॉक स्प्लिट से बाजार में शेयर की लिक्विडिटी बढ़ सकती है और अधिक निवेशक इसमें रुचि दिखा सकते हैं। हालांकि निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और बाजार के रुझान को समझना जरूरी होता है।