ओवरवैल्यूड शेयर ऐसे स्टॉक्स होते हैं जिनकी बाजार कीमत उनके वास्तविक या आंतरिक मूल्य से ज्यादा होती है। अक्सर यह स्थिति तब बनती है जब किसी कंपनी के शेयर में अत्यधिक मांग, सकारात्मक खबरें या निवेशकों की ज्यादा उम्मीदें होती हैं। ऐसे शेयरों का पीई रेशियो और वैल्यूएशन सामान्य से अधिक होता है। हालांकि इन शेयरों में तेजी दिखाई देती है, लेकिन जोखिम भी ज्यादा रहता है क्योंकि भविष्य में कीमत गिरने की संभावना होती है। निवेशकों को ओवरवैल्यूड शेयरों में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल, आय, ग्रोथ और बाजार की स्थिति का सही विश्लेषण करना चाहिए।